Financial year 1 April - 31 march तक क्यों होता है
हेलो दोस्तों कैसे है आप सब लोग I hope आप सभी लोग ठीक होंगे ! आज हम knowledgeable fact की एक और video ले कर आये है ! तो चलिए शुरू करते है
क्या आप जानते है कि हमारा financial year 1 अप्रैल से 31 मार्च का ही क्यों होता है! जब वर्ष की शुरुवात 1 जनवरी से होती तो फिर Financial year 1 अप्रैल से क्यों शुरू होता है! अगर नहीं पता तो चलिए जानते है
सबसे पहले बात करते है बजट सबसे पहले किसने और कब बनाया
दरअसल भारत में बजट पहली बार बजट ब्रिटिश राज में 7 अप्रैल 1860 में जेम्स विल्सन ने introduce किया था! और आज़ादी के बाद पहला बजट श्री Shanmukham cheety शनमुखम चेट्टी ने पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया!
अब बात करते है Financial year 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू हुआ
इसका कोई पुख्ता प्रमाण तो नहीं है कि वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू हुआ किन्तु इसकी कई संभावनाएं है जैसे
1. एक वित्तीय वर्ष 12 महीने का होता है और साल के अंत में कई आते है जैसे दिवाली क्रिसमं इस दौरान वस्तुओ की खरीद बढ़ जाती है जिस कारण बुक्स को close करने में ज्यादा टाइम लग जाता है यदि वित्तीय वर्ष को 1 जनवरी से बनाया जाता तो दिसंबर तक books की closing होना मुश्किल हो जाता!
अब प्रश्न ये आता है की आज़ादी के बाद भी भारत ने वित्तीय वर्ष को 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू किया, इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है लेकिन इसके भी कई कारण हो सकते है जैसे
हिन्दू calendar के मुताबित भारत में नया वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है सम्भावना है कि इसलिए ना बदला हो
भारत कृषि प्रधान देश हैं और यहॉ फसल भी मार्च के अंत में रबी की फसल कटती है और बिकती है, इसी को देखते हुए भारत में अभी भी वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच मनाया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है कि पूरे विश्व में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच मनाया जाता है अगल देशों में वित्तीय वर्ष अलग-अलग होता है!
विश्व में 156 देश ऐसे है जिनका वित्तीय वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक होता है
अब बात करते है क्या हो अगर financial year को 1 अप्रैल के से हटा कर 1 जनवरी कर दिया जाये क्या क्या फायदे होंगे
1. इसका सबसे अधिक लाभ किसानो को मिल सकता है क्युकी मौजूदा वित्तीय वर्ष की timing मानसून से मैच नहीं करती जिसकी वजह से किसान मानसून का फ़ायदा नहीं उठा पाते
2. मानसून के ख़राब रहने की वजह से देश के कई इलाको में जून और सितम्बर के बीच में सूखा पढ़ जाता है अगर वित्तीय वर्ष की तारीख बदलती है तो बजट नवंबर में पेश होगा जिसमे कृषि से जुडी ऐसी समस्याओ को ध्यान में रखा जा सकता है! देश की जीडीपी में कृषि का योगदान 15 % से भी अधिक है
अगर वित्तीय वर्ष में बदलाव होगा तो स्कूल में दाखिले का समय और कम्पनीयो में appraisal का समय दोनों बदल जाएगें!
हेलो दोस्तों कैसे है आप सब लोग I hope आप सभी लोग ठीक होंगे ! आज हम knowledgeable fact की एक और video ले कर आये है ! तो चलिए शुरू करते है
क्या आप जानते है कि हमारा financial year 1 अप्रैल से 31 मार्च का ही क्यों होता है! जब वर्ष की शुरुवात 1 जनवरी से होती तो फिर Financial year 1 अप्रैल से क्यों शुरू होता है! अगर नहीं पता तो चलिए जानते है
सबसे पहले बात करते है बजट सबसे पहले किसने और कब बनाया
दरअसल भारत में बजट पहली बार बजट ब्रिटिश राज में 7 अप्रैल 1860 में जेम्स विल्सन ने introduce किया था! और आज़ादी के बाद पहला बजट श्री Shanmukham cheety शनमुखम चेट्टी ने पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया!
अब बात करते है Financial year 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू हुआ
इसका कोई पुख्ता प्रमाण तो नहीं है कि वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू हुआ किन्तु इसकी कई संभावनाएं है जैसे
1. एक वित्तीय वर्ष 12 महीने का होता है और साल के अंत में कई आते है जैसे दिवाली क्रिसमं इस दौरान वस्तुओ की खरीद बढ़ जाती है जिस कारण बुक्स को close करने में ज्यादा टाइम लग जाता है यदि वित्तीय वर्ष को 1 जनवरी से बनाया जाता तो दिसंबर तक books की closing होना मुश्किल हो जाता!
अब प्रश्न ये आता है की आज़ादी के बाद भी भारत ने वित्तीय वर्ष को 1 अप्रैल से ही क्यों शुरू किया, इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है लेकिन इसके भी कई कारण हो सकते है जैसे
हिन्दू calendar के मुताबित भारत में नया वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है सम्भावना है कि इसलिए ना बदला हो
भारत कृषि प्रधान देश हैं और यहॉ फसल भी मार्च के अंत में रबी की फसल कटती है और बिकती है, इसी को देखते हुए भारत में अभी भी वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच मनाया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है कि पूरे विश्व में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच मनाया जाता है अगल देशों में वित्तीय वर्ष अलग-अलग होता है!
विश्व में 156 देश ऐसे है जिनका वित्तीय वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक होता है
अब बात करते है क्या हो अगर financial year को 1 अप्रैल के से हटा कर 1 जनवरी कर दिया जाये क्या क्या फायदे होंगे
1. इसका सबसे अधिक लाभ किसानो को मिल सकता है क्युकी मौजूदा वित्तीय वर्ष की timing मानसून से मैच नहीं करती जिसकी वजह से किसान मानसून का फ़ायदा नहीं उठा पाते
2. मानसून के ख़राब रहने की वजह से देश के कई इलाको में जून और सितम्बर के बीच में सूखा पढ़ जाता है अगर वित्तीय वर्ष की तारीख बदलती है तो बजट नवंबर में पेश होगा जिसमे कृषि से जुडी ऐसी समस्याओ को ध्यान में रखा जा सकता है! देश की जीडीपी में कृषि का योगदान 15 % से भी अधिक है
अगर वित्तीय वर्ष में बदलाव होगा तो स्कूल में दाखिले का समय और कम्पनीयो में appraisal का समय दोनों बदल जाएगें!
0 Comments