ट्रेन के आखरी डिब्बे में क्रॉस और स्टेशन पर जंक्शन, टर्मिनल , सेंट्रल क्यों लिखा होता है
क्या आपको पता है भारत में पहली बार ट्रेन कब चली और भारतीय रेल का नेटवर्क कितना बड़ा है
भारतीय रेल को राष्ट्र की जीवन रेखा कहा जाता है! भारत में रेल का आरम्भ सन 1853 में हुआ , भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है हर रोज लाखो लोग रेल से यात्रा करते है!
मुंबई में बांद्रा और अंधेरी स्टेशन के बीच सबसे अधिक रेलवे लाइन है ! और सिर्फ मेघालय ही ऐसा राज्य है जहा रेलवे लाइन नहीं है
हर साल लाखो यात्री train में सफर करते है पर आपने कभी रेलवे ट्रैक या रेलवे स्टेशन को observe किया है?
अगर किया है तो कुछ चीज़े आपने जरूर नोटिस की होगी जैसे ट्रेन के लास्ट डिब्बे में क्रॉस का निसान क्यों बना होता है
किसी स्टेशन के नाम के पीछे जंक्शन, टर्मिनल या सेंट्रल क्यों लिखा होता है और मन में Question भी जरूर आया होगा
ऐसा क्यों ?
तो सबसे पहले बात करते है
रेल के आखरी डिब्बे बना हुआ क्रॉस रेलवे का एक कोड है जो की security और सेफ्टी के purpose से बनाया जाता है ये निसान रेल के आखरी डिब्बे में ही इसलिए बनाया जाता है ताकि ये पता लगाया जा सके की कही रेल का कोई डिब्बा पीछे छूट तो नहीं गया है अगर किसी रेल में ये निसान नहीं है तो इसका मतलब है की रेल का कोई डब्बा पीछे छूट गया है ये निसान रेलवे स्टाफ के लिए एक अलर्ट की तरह काम करता है ऐसा होने पर रेलवे स्टाफ दुर्घटना होने से पहले कोई action ले सकता है
अब बात करते है किसी स्टेशन के नाम के पीछे जंक्शन, टर्मिनल या सेंट्रल क्यों लिखा होता है
अगर किसी स्टेशन के बाद टर्मिनल लिखा हो तो इसका मतलब है की ट्रेन इस स्टेशन से आगे नहीं जाएगी और और दूसरी जगह जाने के लिए उसी दिशा में वापस आ जाती है और भारत में कुल 27 टर्मिनल स्टेशन है!
अब बात करते है जंक्शन की जब किसी स्टेशन के अंत में जंक्शन लिखा हो तो इसका मतलब है की उस स्टेशन पर ट्रेन के आने जाने के लिए एक से अधिक रस्ते है यानी ट्रेन एक रस्ते से आ सकती है और अन्य दो रास्तो से जा सकती है
तीसरा है सेंट्रल यदि किसी रेलवे स्टेशन के अंत में सेंट्रल लिखा हो तो इसका मतलब यह है की ये स्टेशन शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला स्टेशन है भारत में कुल 5 सेंट्रल स्टेशन है जो कुछ इस प्रकार है
1. कानपुर
2. मंगलोर
3. मुंबई
4. चेन्नई
5. तिरूवंतपुरम
क्या आपको पता है भारत में पहली बार ट्रेन कब चली और भारतीय रेल का नेटवर्क कितना बड़ा है
भारतीय रेल को राष्ट्र की जीवन रेखा कहा जाता है! भारत में रेल का आरम्भ सन 1853 में हुआ , भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है हर रोज लाखो लोग रेल से यात्रा करते है!
मुंबई में बांद्रा और अंधेरी स्टेशन के बीच सबसे अधिक रेलवे लाइन है ! और सिर्फ मेघालय ही ऐसा राज्य है जहा रेलवे लाइन नहीं है
हर साल लाखो यात्री train में सफर करते है पर आपने कभी रेलवे ट्रैक या रेलवे स्टेशन को observe किया है?
अगर किया है तो कुछ चीज़े आपने जरूर नोटिस की होगी जैसे ट्रेन के लास्ट डिब्बे में क्रॉस का निसान क्यों बना होता है
किसी स्टेशन के नाम के पीछे जंक्शन, टर्मिनल या सेंट्रल क्यों लिखा होता है और मन में Question भी जरूर आया होगा
ऐसा क्यों ?
तो सबसे पहले बात करते है
रेल के आखरी डिब्बे बना हुआ क्रॉस रेलवे का एक कोड है जो की security और सेफ्टी के purpose से बनाया जाता है ये निसान रेल के आखरी डिब्बे में ही इसलिए बनाया जाता है ताकि ये पता लगाया जा सके की कही रेल का कोई डिब्बा पीछे छूट तो नहीं गया है अगर किसी रेल में ये निसान नहीं है तो इसका मतलब है की रेल का कोई डब्बा पीछे छूट गया है ये निसान रेलवे स्टाफ के लिए एक अलर्ट की तरह काम करता है ऐसा होने पर रेलवे स्टाफ दुर्घटना होने से पहले कोई action ले सकता है
अब बात करते है किसी स्टेशन के नाम के पीछे जंक्शन, टर्मिनल या सेंट्रल क्यों लिखा होता है
अगर किसी स्टेशन के बाद टर्मिनल लिखा हो तो इसका मतलब है की ट्रेन इस स्टेशन से आगे नहीं जाएगी और और दूसरी जगह जाने के लिए उसी दिशा में वापस आ जाती है और भारत में कुल 27 टर्मिनल स्टेशन है!
अब बात करते है जंक्शन की जब किसी स्टेशन के अंत में जंक्शन लिखा हो तो इसका मतलब है की उस स्टेशन पर ट्रेन के आने जाने के लिए एक से अधिक रस्ते है यानी ट्रेन एक रस्ते से आ सकती है और अन्य दो रास्तो से जा सकती है
तीसरा है सेंट्रल यदि किसी रेलवे स्टेशन के अंत में सेंट्रल लिखा हो तो इसका मतलब यह है की ये स्टेशन शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला स्टेशन है भारत में कुल 5 सेंट्रल स्टेशन है जो कुछ इस प्रकार है
1. कानपुर
2. मंगलोर
3. मुंबई
4. चेन्नई
5. तिरूवंतपुरम
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