Overthinking क्या है


                                   What Is Overthinking(Overthinking क्या है ) 


Though Process हमारे मस्तिष्क का एक अभिन्न अंग है बिना सोच विचार हम शायद ही कोई काम करते है क्यूंकि हम जानते है अगर कोई भी काम हमने बिना  विचार किये  किया तो उसका Result क्या हो सकता है ये  overthinking नहीं है ! तो फिर overthinking क्या है , overthinking हमारे मस्तिष्क में विचारो का लगातार बिना रुके चलते जाना है! जिस कारण  आप सो नहीं पाते क्योंकि आपका   दिमाग लगातार उन thoughts  के पीछे दौड़ रहा है और अगर नींद आ भी जाए तो लगातार सोचने के कारण आपको सोने के बाद भी थकान महसूस होती है !

Overthinking के कारण - सबकी लाइफ की अपनी अलग अलग problem होती है पर फिर भी कुछ                                                        Problem तो हम सब लोगो की एक जैसी है! जैसे-

भविष्य के बारे में ज्यादा चिंतित रहना-


अपने  Future के लिए हम सभी लोग सोचते है कि हमे किस तरह का future चाहिए पर अगर चिंता हद से ज्यादा बढ़ जाये तो हमारा ध्यान negative चीज़ो की ओर ज्यादा attract होने लगता है negative चीज़े सोचने के कारण हम वो सब भी सोचने लगते है जो हमारे साथ पास्ट में हुआ होता है ये सब सोच कर आप अपना समय तो बर्बाद करते ही है साथ ही साथ दिमागी तौर पर भी थकान महसूस करते है और से सब सोचते सोचते हम अपने  Present को भी बर्बाद कर देते है !



workload का प्रेशर-


जब workload ज्यादा हो जाता है तो हम में से ही बहुत से लोग ऐसे होते है जिनका दिमाग  उस वक़्त जैसे काम करना ही बंद कर देता है हम कोशिश तो पूरी करते है solution ढूढ़ने की पर वो मिल नहीं पता  , फिर जब हम उस काम को टाइम से पूरा नहीं करते है तो वो तनाव का रूप ले लेता है जिस कारण उस काम के अलवा भी कई Thought दिमाग  दौड़ने लगते है जैसे लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे, कही बॉस मुझे निकाल ना दे अगर मेरी जॉब चली गई तो मेरी फैमिली कैसे Survive करेगी! कई thought दिमाग में अपना घर बना लेते है और ऐसे ही जाने अनजाने हम overthinking का शिकार हो जाते है



आत्मविश्वास में कमी- 

life में अगर सफल होना है तो confidence बहुत जरुरी है अगर कॉन्फिडेंस नहीं है तो आपको चीज़े आते हुए भी आप जवाब नहीं दे पाएगे इसे ऐसे समझा जा सकता है आप एक interview के लिए गए है आपके साथ साथ वहाँ दस लोग और समय position पर इंटरव्यू के लिए आये है अगर आप में confidence की कमी है तो आपके दिमाग में कई तरह के negative thoughts आएगे जैसे में इतने सारे लोग है मेरा सिलेक्शन होगा भी या नहीं , अगर मुझे ये जॉब नहीं मिली तो क्या होगा इस तरह की कई negative thoughts आते है जिस कारण हमे सब कुछ आने के बाद भी हम अच्छे से perform नहीं हो पाते!


हमेशा डर का बना रहना -

 कही ना कही डर हम सभी के मन में होता है और यही डर है जो हमें आने वाले खतरों से बचता है! जैसा कि एक कहावत है अति किसी भी चीज़ की हो हानिकारक ही होती है ऐसे ही अगर डर भी हद से ज्यादा हो तो वो हमारे ही ख़तरनाक होता है चाहे वो किसी भी प्रकार का डर हो जैसे जॉब खोने का , किसी काम में असफल होने का हो, या  saving डूब जाने का डर हो या अगर फिर किसी खास व्यक्ति के खो जाने का डर हो! अगर इनके बारे में हम जरूरत से ज्यादा सोचने लगते है तो फिर हम किसी भी चीज़ में अपना अच्छा performance दे ही नहीं पाते है और हम overthinking का शिकार होते चले जाते है!


Overthinking  से क्या नुकसान है-

Overthinking का असर हमारे सिर्फ हमारे दिमाग पर ही नहीं बल्कि हमारे पुरे शरीर पर होता है क्युकि हमारा दिमाग़ ही हमारे पुरे शरीर को चलता है!

सोचो क्या हो अगर एक मशीन को चालू छोड़ दे और उन मशीन से कोई उत्पादन भी ना करे इस से होगा ये एक तो मशीन गर्म होगी ही साथ ही साथ बिजली  भी नुकसान होगा और उस मशीन की life भी कम हो जाएगी ! यही असर overthinking का हमारे दिमाग़ पर भी होता है overthinking से हमारा समय ,ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सभी को नुक़सान पहुँचता है!
किसी भी काम को करने के लिए इच्छा शक्ति होनी चाहिए और mind के energetic होना चाहिए तभी हम किसी भी काम को perfectly कर पाते है ! Overthinking से हमारा आलस्य बढ़ जाता है हमेशा चिड़चिड़ापन रहता है जिस कारण  धीरे धीरे इच्छा शक्ति भी कम होने लगती है और हम काम में Focus नहीं कर पाते है और जिस काम को हम कर रहे है उसे भी ठीक से नहीं कर पाते! Overthinking से तनाव बढ़ जाता है जिस से हर चीज़ के प्रति इच्छा समाप्त हो जाती है  जिस कारण हमारा ज़िंदगी के प्रति लगाव समाप्त हो जाता है

 Overthinking से आप कुछ ऐसे छुटकारा पा सकते है !

1. हमेशा सकारात्मक रहने  की कोशिश करे-


माना की हर बात के दो पहलु होते है कोई भी फैसला लेने से पहले हमे Positive और Negative दोनों ही तरीको से सोचना चाहिए लेकिन अगर हम over thinker है तो हमारा ध्यान बस Negative पहलू पर ज्यादा रहता है और आप  जैसा सोचते है धीरे धीरे  वैसे ही बनते चले जाते है, अगर आप हमेशा Positive रहने की कोशिश करेंगे तो एक दिन ये आपकी आदत में शामिल हो जाएगा! नकारत्मकता से बचने के लिए आप ऐसा भी कर सकते है कि-

अपने हाथ में एक रबर बैंड बांध ले जब भी कोई negative thought आये उस रबर को थोड़ा सा खींच ले जिस  थोड़ा दर्द होगा,  दर्द होने के कारण आपका दिमाग उस negative thought को छोड़ कर दर्द पर shift हो जाएगा और जब भी कोई बुरा विचार या negative thought आये इस प्रक्रिया को दोहारए जिस से आपका negative सोचना या फिर Overthink के problem ठीक हो जाएगी या फिर जब भी कोई negative thought आये अपना मन पसन्द कोई गाना सुने!



2. .  Accept yourself -


 हम में से बहुत से लोग है जो खुद से खुश नहीं है किसी को अपना रंग नहीं पसंद तो किसी को अपनी height से problem है ऐसी बहुत सारी चीज़े है जो हम सोचते है काश हम भी इनके जैसे होते या हमारे पास भी ये सब कुछ होता अगर आप जैसे है वैसे ही खुद को accept कर लोगे तो आधी प्रॉब्लम तो बस ऐसी ही solve हो जाएगी! अगर आप खुद को accept कर लोगे तो आत्मविश्वास खुद ब खुद आ जाएगा ! आत्म विश्वास आएगा तो आप चीज़ो को आप एक अलग तरीके से देखोगे और सही decision ले पाओगे
हमारी लाइफ में सभी चीज़े एक दूसरे से connected है अगर हम बस एक चीज़ पर काम करना शुरू करते है तो धीरे धीरे हम में improvement होता जाता है!




3. खुद से बाते करना -


खुद से बाते करना सीखो, आज हम अपनी life में इतना busy  है कि हमे दुसरो से बात करने का समय तो है पर खुद से नहीं!  अगर आपको खुद को जानना है तो कम से कम daily  दिन में दो बार खुद से बाते किया करो! एक दिन की शुरुवात के समय दूसरा रात को सोते समय!



4. खुद से प्रश्न करे - 

लाइफ की कोई भी Situation हो अगर वो हद से ज्यादा परेशान करने लगे तो जो बात परेशान कर रही है उसे एक कॉपी में लिखो और खुद से तीन प्रश्न पूछो
1. अगर में अपनी परेशानी का हल नहीं ढूढ़ पाया तो ज्यादा से ज्यादा Situation कितनी ख़राब हो सकती है
2.  यदि आवशयक हो तो सबसे खराब स्थिति के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करे!
3.   फिर शांति से सबसे ख़राब स्थिति में सुधार करने की कोशिश करे जिसे आप मानसिक रूप से पहले ही स्वीकार कर चुके है!

इन सब चीज़ो के अलवा आप कुछ और भी तरीके अपना सकते है जैसे

1. सुबह के समय योग और ध्यान करना
2. हमेशा वर्त्तमान में जीने की कोशिश करना
3. अपनी भावनाओ को नियंत्रण में रखना

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